CRUDE OIL PRICEगिरते कच्चे तेल की कीमतें और मजबूत डॉलर
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गिरते कच्चे तेल (crude oil) की कीमतें और मजबूत डॉलर

आधुनिक युग में, वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करने का एक महत्वपूर्ण पैमाना है कच्चा तेल। इसराइल-हमास संघर्ष, लीबिया में कच्चा तेल उत्पादन की पुनः आरम्भ होने के बाद , तेल की कीमतों मैं कमी आ रही है। मध्य पूर्व संघर्ष, तकनीकी समस्याओं, और उत्तरी अमेरिका में शीत लहर के कारण कच्चे तेल के उत्पादन में कमी के बावजूद, वैश्विक मांग में वृद्धि को प्रेरित कर रहे हैं। डॉलर महंगा होना कच्चे तेल की कीमतों पर कैसे पर लगाम लगाए हुए है ।  इस लेख में, हम इन घटनाओं के पिछले कारणों को जांचेंगे और आने वाले समय में इनके प्रभाव का विश्लेषण करेंगे।

 

 मंगलवार को भी कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव लीबिया में तेल उत्पादन फिर से शुरू होने के बाद और बढ़ गया है। कल मंगलवार के दिन अमेरिकी बाजार में कच्चा तेल का वायदा बाजार दशमलव 0.5% गिरकर $ 74. 37  प्रति बैरल की दर से व्यापार कर रहा था वहीं दूसरी और ब्रांड कच्चे तेल दशमलव 0.6% गिरकर $ 79.55 प्रति बैरल तक आ गया था। और आज भी यह लगभग इस स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

मध्य पूर्व के इलाके में चल रहे इसराइल और हमास के बीच संघर्ष के कारण आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं समाचार की सुर्खियां बनी हुई है और उसके पश्चात हूती विद्रोहियों द्वारा व्यापारिक मार्ग में डाले जर प्रावधानों के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति से संबंधित चिंताएं फिर से केंद्र में आ गई है। 

लीबिया के शरारा तेल  क्षेत्र में चल रहे लगभग एक माह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों कि ज्यादातर मांगों पर लोकल गवर्नमेंट और विरोध प्रदर्शन कार्यों के बीच सहमति बन जाने के बाद दोबारा से कच्चे तेल का उत्पादन शुरू हो चुका है। विरोध प्रदर्शनों के पहले इस क्षेत्र में कच्चे तेल का उत्पादन 270 मिलियन बैरल प्रतिदिन की दर से हो रहा था। 

Cold wave

 

अमेरिका में चल रही शीत लहर के कारण कच्चे तेल के उत्पादन में व्यवधान पैदा हो रहे हैं अतिरिक्त ठंड पड़ने के कारण उत्तरी डकोटा की पाइपलाइन प्राधिकरण के अनुमानुसार मंगलवार तक 250000 से 3 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का कम उत्पादन हो रहा था। 

अमेरिका में अगर हम गल्फ कोस्ट की बात करें तो अथॉरिटी का अनुमान है कि क्षेत्र में लगभग 15% तक रिफायनिंग की प्रक्रिया को अत्यधिक ठंड ने प्रभावित किया है। 

 

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अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट कि मंगलवार को आयी रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल  की इन्वेंटरी मैं भी कच्चे तेल crude oil के भंडार में गिरावट देखी गई है। जो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की तरफ इशारा करती हैं। 

मध्य पूर्व में चल रहे इसराइल और हमास के बीच संघर्ष के साथ-साथ अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों  पर की जा रही कार्रवाई भी कच्चे तेल की कीमतों पर असर डालने के लिए काफी है इसलिए मध्य पूर्व क्षेत्र की घटनाओं पर नजर रखना आवश्यक है। 

जैसे कि हमें ज्ञात है ईरान द्वारा समर्थित होती विद्रोहियों ने पिछले कुछ समय से लाल सागर में मालवाहक जहाज के आवागमन पर अवरोध पैदा किए हुए हैं यह लाल सागर क्षेत्र यूरोप और एशिया के बीच जीवन रेखा की तरह है इस क्षेत्र में मालवाहक जहाजों की आवागमन पर पढ़ने वाले असर के कारण कच्चा तेल ही नहीं अन्य कॉमेडी पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 

परंतु इस महीने आए अच्छे इकोनामिक आंकड़ों की वजह से मार्च में फेडरल बैंक द्वारा होने वाले इंटरेस्ट रेट कट पर इन्वेस्टर्स की आशाएं धूमिल होने से भी डॉलर अन्य करेंसीजयों के मुकाबले महंगा हो गया है जिसकी वजह से अन्य कर्रेंसियों में कच्चा तेल खरीदना और भी महंगा हो गया है इसका सीधा असर कच्चे तेल की मांग पर पड़ता है जो कच्चे तेल की कीमतों पर दवाब बनाये हुए है, क्योंकि अभी वैश्विक अर्थव्यवस्था कॉविड-19 के संक्रमण काल के बाद पूर्ण रूप से पटरी पर नहीं आई है । 

आने वाले प्रमुख डाटा जो कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाल सकतीं है । 

गुरुवार : अमेरिकी 4th तिमाही का जीडीपी डाटा ।

शुक्रवार : पी सी ई डाटा ।

अगले हफ्ते अमेरिका मैं ब्याज दर मैं कटौती पर फैसला आना ( 31 जनवरी को आने वाला ) है

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